पैकिंग क्या और कैसे करें ?

packing for travelling

हम सभी को नई – नई जगहों पर घूमना पसंद होता है।  और होना भी चाहिए क्योंकि ट्रैवेलिंग से दिल और दिमाग दोनों खुश एवं स्वस्थ रहते है।  ट्रैवल करने पर हमें कुछ नया सीखने को तो मिलता ही है साथ ही नई जगहों के बारे में जानने को भी मिलता है। ऐसे भी कुछ ट्रैवेलर्स होते है जो दुनिया घूमने और वहाँ के लोगो के बारे में जानने और उनसे सीखना चाहते है। कई ट्रैवलर  दूरवर्ती स्थानों पर घूमना और अपना अनुभव को बटोरना चाहते है।

अगर आप भी ट्रैवेलिंग की सीमाओं पर विश्वास नहीं करते और घूमने का शोक रखते है तो ये ब्लॉग आपके लिए है।  आपको ये ब्लॉग पूरा पढ़ना चाहिए ताकि आप ट्रैवल के दौरान होने वाली समस्याओं से बच सके।

तो चलिए जानते हैं की ट्रैवेलिंग के दौरान आपको किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जो आपको और आपके अपनों को परेशानियों से बचा सकती है .

आत्म मूल्यांकन  ज़रूर करे

ट्रैवल करने से पहले एक सवाल अपने आपसे ज़रूर पूछे की आप सच में ट्रेवल करना चाहते है।  क्या आपका दिमाग ट्रैवल करने के लिए तैयार है। कही ऐसा तो नहीं की आप डिप्रेशन का शिकार है और ट्रैवल प्लान कर रहे है।  डिप्रेशन और स्ट्रेस ये दोनों आपके ट्रिप को ख़राब कर सकते है। ट्रैवल करने से पहले ये सुनिश्चित कर ले की आप और आपका परिवार डिप्रेशन या स्ट्रेस का शिकार ना हो।  एक बार डॉक्टर को ज़रूर चेक करवाए की कहीं कोई शारीरिक बिमारियों से ग्रसित तो नहीं। स्वास्थ्य का ध्यान रखना एवं ट्रैवलिंग करने से पहले पूरा हेल्थ चेकउप करवा लेना चाहिए।

 ट्रैवेलिंग डेस्टिनेशन (गंतव्य स्थान ) की पूरी तरह से रिसर्च (अनुसंधान)  कर लें

हर राज्य एवं शहर के अपने नियम होते है। वहां का वातावरण और लोगो का व्यवहार भी अलग हो सकता है।  तो ये सबसे जरूरी है की जहां आप जा रहे है वहां की अच्छी तरह से रिसर्च कर ले। आप उस स्टेट में कहाँ कहाँ घूमने वाले है और क्या क्या एक्टिविटी है जो आप कर सकते है। बेहतर होगा की आप एक रोड-मैप बना ले जिस से आपको एक आइडिया लग जाएगा की जिस जिस जगह पर आप घूमने जा रहे है वो एक दूसरे से कितने डिस्टेंस पर है।

सुरक्षा का धयान रखें


 जैसा की मैंने पहले भी बताया है की हर स्टेट और सिटी के अपने नियम होते है। तो सबसे पहले आप ट्रैवेलिंग के हिसाब से उन नियमों को समझ ले।  जैसे ड्राइविंग के क्या नियम है। उदाहरण के तौर पर पहाड़ी इलाक़ो में स्पीड लिमिट तय होती है, यदि आप दूसरे स्टेट से आ रहे है तो आठ सीटर से जयादा की गाड़ियां नहीं ले जा सकते, वहां पर केवल लोकल ड्राइवर ही गाड़ी चला सकते है इत्यादि। उस स्टेट में क्राइम रेट क्या है किस किस तरह के क्राइम सबसे ज़्यादा होते है उदाहरण के तौर पर आप चोरी, डकैती, छेड़छाड़, लूटपाट इत्यादि। इस रिसर्च से आप अपने आपको और आपके अपनों को सुरक्षित रख सकते है।

क्या और कैसे  पैकिंग करें 

ट्रेवलिंग का एक महत्वपूर्ण पहलू ये भी है की आप क्या क्या पैक कर रहे है। पैकिंग में हमेशा ध्यान रखे की केवल जरुरत का सामान ही हो।  अनावश्यक चीजें ना पैक करे क्योंकि ये आपके सामान का वजन बढ़ा देंगी।

अब सवाल ये खड़ा होता है की आखिर पैक क्या-क्या किया जाए।  ये तय करने से पहले एक बात का ध्यान रखना है की हम जहां जा रहे है वह का मौसम कैसा है।  तो हम ये मानते है की आप पहाड़ी इलाक़ो में जा रहे है और वहाँ ठंड है। तो आइये जानते ठंडे इलाक़ो के हिसाब से कैसी होनी चाहिए।

    1. सेनेटरी पैकिंग :- टूथब्रश, टूथपेस्ट, कंघी, रबर बैंड्स, बॉबी पिंस, पर्फुम्स, शैम्पू और कंडीशनर्स, मेकअप किट, नाईट टाइम मॉइस्चराइज़र, लिपबालम, पर्सनल हाइजीन आइटम्स, फीमेल हाइजीन प्रोडक्ट्स, शेविंग किट, एक्स्ट्रा रेजर ब्लेड्स, स्विंग किट (सुई धागा ), फेसिअल टिशू-पेपर, ट्रेवल/रेगुलर  टॉवल, कैंची, नेल कटर, अंडर-गारमेंट्स,
    2. कपड़े:- अधिकतर लोग बिना हिसाब के कपड़े पैक कर लेते है और इस बात का ध्यान नहीं रखते की सामान की गिनती और उसका वजन बढ़ जाएंगे। तो चलिए जानते है की आपको पहाड़ी इलाको में ट्रेवलिंग करने के लिए किस तरीके के कपड़ो की जरुरत पड़ सकती है।
      सामान्यतः पहाड़ी इलाको में ठण्ड होती है तो आप
      1. गरम कपडे जैसे जर्सी, कोट, कार्डिगन
      2. शौल 
      3. एक गरम चादर
      4. स्वेटर ( sweater or sweatshirt )
      5. गरम/विंटर कैप ( winter cap )
      6. जीन्स एवं पेंट्स (Jeans or Pants)
      7. ऊनि इनर वियर ( woolen inner wear)
      8. दस्ताने (Gloves)

रोलिंग लगेज(Trolly Bags) 

इसके बारे में तो आप अच्छे से जानते होंगे।  आज के समय में कोई भी सामान धोना पसंद नहीं करता।  आप ट्राली बैग्स ख़रीद सकते है और यदि आपके पास पहले से है तो उसे इस्तेमाल कर सकते है। ये ट्राली बैग्स आपके भरी से भरी सामान को भी आसानी से खींचने में मदद करते है।  बाजार में आपको कई तरह के ट्राली बैग्स मिल जाएंगे जिनमे से मुख्य दो प्रकार के है। दो पहिये वाले या चार पहिये वाले। सामान्यतः दो पहिये वाले ट्राली बैग्स ज़्यादा चलते हैं  क्योंकि वो उबड़ – खाबड़ जगहों पर भी आसानी से चल सकते है। पर उनमें आपके हाथों पर थोड़ा जोर पड़ता है। जबकि चार पहिये वाले ट्राली बैग्स केवल समतल जगहों पर चल सकते है और इनको खींचने में भी कोई दिक्कत नहीं होती।

जुते (shoes) 

देखा जाए तो जूते एक सामान्य सी चीज है।  परन्तु पहाड़ी इलाक़ो में आपने अपने जूतों का चयन सही ढंग से नहीं किया तो आपको पछताना पढ़ सकता है। पहाड़ी इलाक़ों में अधिकतर स्पोर्ट्स शूज  या casual शूज ही पहने जाते है। यदि आप सोच रहें है की हील्स या चप्पल सही रहेगी तो आप गलत है। हील्स से आपके पैरो में दर्द हो सकता है और चप्पल से पैरो में  छाले पढ़ सकते है। पहाड़ो में ना तो हील्स काम आएँगे और ना ही चप्पल काम आएगी। आपके लिए बूट्स या स्पोर्ट्स शूज बेस्ट रहेंगे।

अपने दस्तावेज साथ रखें  

डाक्यूमेंट्स सबसे जरूरी है आपकी पहचान साबित करने के लिए।  दस्तावेज़ साथ रखने का एक फायदा ये भी है की आपको उन जगहों पर आसानी से प्रवेश मिल जाता है जहाँ पहचान पत्र की जरुरत पड़ती है।  आप वोटर आई-डी कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट इत्यादि।

नकद एवं कार्ड दोनों साथ रखे  

ट्रैवेलिंग करने में अधिकार दिक्कत जो देखी गई है वो लोकल करेंसी न होने की वजह से आती  है । कई बार लोग कैश नहीं रखते या तो प्लास्टिक मनी (कॉर्ड्स) या इ-मनी (वॉलेट ) रखते हैं।  ये अच्छी बात है की हम कैश लेस्स बन रहे है। पर ये ज़रुरी नहीं की जहाँ आप घूमने जा रहे है वहाँ के लोग  भी कैश लेस्स हो। कोशिश की-जिये की कैश साथ रखें लेकिन कार्ड्स भी ना भूले। और सारा कैश एक जगह तो बिलकुल भी न रखें।  

कुछ बेसिक आइटम्स जरूर कैर्री करें :-

पावर बैंक, सॉक्स रैनकोट, पजामा  / sleepwear, सनग्लासेस (sunglasses), गहने, स्कार्फ़ या विंटर कैप, चार्जर, हेडफोन्स, स्पीकर्स इत्यादि    

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